Best Dasara Msg about Ravan 2018 | Hindi Dussehra Poem

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Best Dasara Msg about Ravan 2018 | Hindi Dussehra Poem with Image

dasara msg

 

1) Happy Dussehra Message about Ravan

 

सोच रहा हूँ इस दशहरा अपने अंदर उस रावण को जला लू
जो हर परायी स्त्री को भोग की चीज़ समझता हैं।
और उस रावण को बचा लू जिसने अपनी बहन के मान के लिए
अपने संपूर्ण कुल का दीपक बुझने दे दिया..।।।।
by Rohit

 

2) हैप्पी दशहरा शायरी सन्देश

 

सतीत्व मर्यादा के लिए,
कुदरत ने कहर बरसाया था।
जब रावण की मौत आयी,
समंदर ने पत्थरो को तैराया था।
By Aanshal Singh

 

3) हैप्पी दशहरा स्टेटस हिंदी में

 

रावण हम सबके अंदर हैं,
फर्क इतना हैं की कोई राम हमें ढूंढ नहीं रहा।

 

 

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4) Vijaya Dashami Message in Hindi

 

अन्याय के रूप में अब नेताओं का भ्रष्टाचार हैं,
रावण के रूप में नेताओं का अत्याचार हैं,
भ्रष्टाचार और अत्याचार मिटाने के लिए शंख बजेगा।
अब हर घर से एक राम निकलेगा..।।।
मंगलमय हो दशहरा

 

5) हैप्पी विजयदशमी स्टेटस इन हिंदी फॉर व्हाट्सप्प

 

शोक से रावण जले, बस इतनी सी शर्त हो,
तीली वही लगाए जिसमे राम का अक्स हो।
by Sandeep Vyas

 

6) Inspiring Dasara Message for Shri Ram

 

शान्ति अमन के इस देश से अब,
बुराई को मिटाना होगा।
आतंकी रावण का दहन करने,
आज फिर से श्री राम को आना होगा।

 

 

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7) Beautiful Poem In Hindi about Ravan

 

इस समय लोग रावण भी हो जाये वही बहुत हैं,
रावण बनना भी कहां आसान ….।

रावण में अहंकार था तो पश्चाताप भी था
रावण में वासना थी तो संयम भी था।

रावण में सीता के अपहरण की ताकत थी
तो बिना सहमति परस्त्री को स्पर्श भी न करने का संकल्प भी था।

सीता जीवित मिली ये राम की ही ताकत थी..
पर सीता पवित्र मिली ये रावण की भी मर्यादा थी।

राम, तुम्हारे युग का रावण अच्छा था..
दस के दस चेहरे, सब “बाहर” रखता था..।।

 

Hindi Dussehra Poem

Hindi Dussehra Poem

 

8) Happy Dussehra Poetry in Hindi Characters

 

किस्सा एक पुराना दोस्तो लंका मे था रावण,
राजा एक महा अभिमानी कांपता जिससे कण-कण।
उस अभिमानी रावण ने था सबको खूब सताया,
रामचंद्र जब आये वन में सीता को हर लाया।

झलमल-झलमल सोने की लंका पैरो पर झुकती,
और काल की गति भी भाई उसके आगे रूकती।
सुंदर थी लंका, लंका में सोना ही सोना था,
लेकिन पुन्य नही, पापों का भरा हुआ दोना था।

तभी राम आए बन्दर भालू की लेकर सेना,
साध निशाना सच्चाई का तीर चलाया पैना।
लोभ-पाप की लंका धू-धू जलकर हो गई राख,
दीए जले थे तब धरती पर अनगीन, लाखों-लाख।

इसलिए तो आज धूम है रावण आज मरा था,
कटे शीश दस बारी-बारी उतरा भार धरा का।
लेकिन सोचो, कोई रावण फिर छल न कर पाए,
कोई अभिमानी न फिर से काला राज चलाए।
तब होगी सच्ची दीवाली होगा तभी दशहरा,
जगमग-जगमग होगा तब फिर सच्चाई का चेहरा।

 

9) Happy Dussehra Poems in Hindi for Kids

 

आज दशहरे की घड़ी आई
झूठ पर सच की जीत है भाई।

रामचन्द्र ने रावण मारा
तोड़ दिया अभिमान भी सारा।

एक बुराई रोज हटाओ
और दशहरा रोज मनाओ।

हार के भी वो जीता रावण
मुक्ति पाई राम के चरणन्।

– गुलशन मदान

 

10) हैप्पी दशहरा पोएम हिंदी में

 

रावण शिव का परम भक्त था
बहुत बड़ा था ज्ञानी,
दस सिर बीस भुजाओं वाला
था राजा अभिमानी।
नहीं किसी की वह सुनता था
करता था मनमानी,
औरों को पीड़ा देने की
आदत रही पुरानी।
एक बार धारण कर उसने
तन पर साधु – निशानी,
छल से सीता को हरने की
हरकत की बचकानी।
पर – नारी का हरण न अच्छा
कह कह हारी रानी,
भाई ने भी समझाया तो
लात पड़ी थी खानी।
रामचन्द्र से युद्ध हुआ तो
याद आ गई नानी,
शिव को याद किया विपदा में
अपनी व्यथा बखानी।
जान बूझ कर बुरे काम की
जिसने मन में ठानी,
शिव ने भी सोचा ऐसे पर
अब ना दया दिखानी।
नष्ट हुआ सारा ही कुनबा
लंका पड़ी गँवानी,
मरा राम के हाथों रावण
होती खत्म कहानी।

 

11) Inspirational Dasara Poem in Hindi

 

दशहरा का तात्पर्य, सदा सत्य की जीत।
गढ़ टूटेगा झूठ का, करें सत्य से प्रीत॥

सच्चाई की राह पर, लाख बिछे हों शूल।
बिना रुके चलते रहें, शूल बनेंगे फूल॥

क्रोध, कपट, कटुता, कलह, चुगली अत्याचार
दगा, द्वेष, अन्याय, छल, रावण का परिवार॥

राम चिरंतन चेतना, राम सनातन सत्य।
रावण वैर-विकार है, रावण है दुष्कृत्य॥

वर्तमान का दशानन, यानी भ्रष्टाचार।
दशहरा पर करें, हम इसका संहार॥

– अजहर हाशमी

 

12) हिंदी दशहरा पोएम

 

भीतर के रावण को जो, आग खुद लगायेंगे ।
सही मायनों में वे ही, दशहरा मनायेंगे।।

छिप कर बैठा ये दानव, आज हर एक दिल में
भड़काता वैर की आग, हँसते-खेलते घरों में,
कलुषित मनोवासना को, जो सदा मिटायेंगे।
सही मायनों में वे ही, दशहरा मनाएंगे….।

मन रावण फुंकार करे, रक्त अपनों का बहे
मूली गाजर के जैसे, मानव आज कट रहे
दया धर्म सद् भावों के, जो दीप जलायेंगे।
सही मायनों में वे ही, दशहरा मनाएंगे….।

मनाता है रंगरलियां, ये काँटे बिखेरकर
दिखाता झूठे पंख है, ये सत्य समेटकर
चुनकर काँटे राहों के, जो फूल बिछायेंगे।।
सही मायनों में वे ही, दशहरा मनाएंगे….।

धन-वैभव की इच्छा से, सराबोर रहता हर पल
बुद्धि ज्ञान को बिसराये, दुष्कर्म करे हरपल
“पूर्णिमा” मरे जमीर को जो, सचेत कर पायेंगे।
सही मायनों में वे ही, दशहरा मनायेंगे….।

~ Dr. Purnima Rai

 

13) हैप्पी विजयादशमी कविता हिंदी में

 

विजयादशमी विजय का, पावन है त्यौहार।
जीत हो गयी सत्य की, झूठ गया है हार।।
रावण के जब बढ़ गये, भू पर अत्याचार।
लंका में जाकर उसे, दिया राम ने मार।।

विजयादशमी ने दिया, हम सबको उपहार।
अच्छाई के सामने, गयी बुराई हार।।
मनसा-वाता-कर्मणा, सत्य रहे भरपूर।
नेक नीति हो साथ में, बाधाएँ हों दूर।।

पुतलों के ही दहन का, बढ़ने लगा रिवाज।
मन का रावण आज तक, जला न सका समाज।।
राम-कृष्ण के नाम धर, करते गन्दे काम।
नवयुग में तो राम का, हुआ नाम बदनाम।।

आज धर्म की ओट में, होता पापाचार।
साधू-सन्यासी करें, बढ़-चढ़ कर व्यापार।।
आज भोग में लिप्त हैं, योगी और महन्त।
भोली जनता को यहाँ, भरमाते हैं सन्त।।

जब पहुँचे मझधार में, टूट गयी पतवार।
कैसे देश-समाज का, होगा बेड़ा पार।।

~ Dr. Roopchandra Shastri Mayank

 

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