0

Waqt Sikhata hai, Kon Apna Kon Paraya

Kon Apna Kon Paraya Khane Me Zahar Shayari

 

वक़्त ने कुछ ऐसा पैतरा आज़माया…,
कौन अपना, कौन पराया, सब दिखाया
उम्मीद लगा के बैठे थे जिन रिश्तों से
उन्ही दोस्तों ने खाने में ज़हर मिलाया

 

~ Sachinda Boro

 

Share This
0

मौका, वक़्त और जिंदगी

मौका वक़्त का मोहताज नही होता
क्योंकि मौका कभी वक़्त देखकर नही आता।
इसलिए वक़्त के लिए मौके को छोड़ना सबसे बड़ी बेवकूफी होती है।
वक़्त इंसान का रुख बदल सकता है लेकिन मौका, उसकी जिंदगी।

 

~ Sonalika Singh

Share This