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जाने वाले क्या कभी लौट कर भी आते हैं

जाने वाले क्या कभी लौट कर भी आते हैं
छोड़ गए थे जिसे क्या उसे वापस अपना बनाते हैं

जाने का मन तो वो बहुत पहले बनाते हैं
फिर क्यों किसी को बताकर नहीं जाते हैं

अपने ही घर से ये चोरों जैसा निकलना
भला उन्हें क्यों मुनासिब लगता है,
समझते क्यों नहीं यूं घर की लानतें भी साथ ले जाते हैं…
जाने से पहले वे मोहब्बत की जंजीर तोड़ क्यों नहीं देते हैं

नहीं दे सकते जो मोहब्बत का दाना पानी
तो प्रेम के पिंजड़े खोल क्यों नहीं देते हैं

अपनी शोहबत में जिसे करते थे रोशन
उसे जंगल के अंधेरे में अकेला छोड़ क्यों देते हैं…

क्यों अपना इंतजार मुल्तवी करके जाते हैं
लौट कर नहीं आना है ये सीधे क्यों नहीं बतलाते हैं

जब कर ही चुके होते हैं किसी और से दिलदारी गुफ्तगू
तब भी क्यों रखते हैं पहले सी जारी…
जो साथ निभाना नहीं आता तो क्यों झूठे कसमें वादे खाते हैं

अपनी आंखों से मासूम दिल पर खंजर क्योंकर चलाते हैं…
जाने से पहले वे अपने हुस्न को जो इतना सजाते हैं
अपने दिल का आईना क्यों नहीं चमकाते हैं…

घर के सारे साजो सामान जब अपने साथ ले जाते हैं
ले जाते हैं घर की रोशनी, हवा, खुशियां सारी
तो अपनी यादों को क्यों छोड़ जाते हैं

अपनी खुशबू को कोनों में बिखराकर उसे क्यों नहीं समेट जाते हैं…
अपनी जुदाई पर जो जीते जी मौत से अजीज कर देते हैं
पेट में छुरा भोंककर क्यों नहीं जाते हैं….

ये जाने वाले भी भला कहाँ लौटकर आते हैं
अपने तबस्सुम से महकाया था जिसे कभी
उसे लौटकर फिर गले लगाना तो दूर की बात
उसकी मौत पर दुआ करने भी वापस नहीं आते हैं

जाने वाले क्या कभी लौट कर भी आते हैं
छोड़ गए थे जिसे क्या उसे वापस अपना बनाते हैं

 

~ Nupoor Kumari

 

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इश्क़ करने से पुरे शहर में बदनाम हो गया

आज कितने अरसे बाद तुझे देखा तो परेशान हो गया
कितनी बदल गयी हो देख के हैरान हो गया
एक पल सोचा की… क्या ये वही लड़की हैं ……..
जिसको इश्क़ करने से मैं पुरे शहर में बदनाम हो गया

 

~ कशिश बत्रा

 

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दिल ही बदल गया है उनका, नए चेहरे ढूंढ लिए गए

जिन्हे हम ख़्वाब मे देखा करते थे, वो ख़्वाब ही बदल गए,
हाथ थामे जिनका वे, बड़े शोक से चलते थे..वे हाथ भी बदल गए,
सारे कसमें, जो वो, खाया करते थे, उनके मायने ही बदल गए,
शायद दिल ही बदल गया है उनका, इसीलिए नए चेहरे ढूंढ लिए गए ।

 

~ सुजीत कुमार

 

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Karte hain hum yaad unhe

Karte hain hum yaad unhe jo karte the hume yaad kabhi
Fariyaad kisi ki karte hai jisne ki mohabbat humse kabhi

 

~ Ravisha.D

 


 

करते हैं हम याद उन्हें…………, जो करते थे हमे याद कभी
फरियाद किसी की करते हैं जिसने की मोहब्बत हमसे कभी

~ रविशा

 

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मोहब्बत के रंग, प्रेम-प्रीत का सबक है होली

Dost Dushman Rang Prem Shayari on Holi

 

मोहब्बत के रंग लगाती है होली |
ऊँच नीच, निर्बल सबको गले लगाती है होली |
दोस्त बनकर दुश्मन को रंग देती है,
प्रेम-प्रीत का सबक पढ़ाती है होली |

~ अब्दुल रहमान अंसारी (रहमान काका)

 

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वक्त मिले तो खूद से भी मिल लेना

वक्त मिले तो खुद से भी मिल लेना!
अपने चहरे को दिल के आईने मे देख लेना!!
प्यार खुद से भी होगा तुम करके तो देखना!
वक्त मिले तो खुद से भी मिल लेना!!!!!

 

~ Manish

 

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लिखने बैठा पन्नों पे एहसास और बन गयी तेरी तस्वीर

शब – ए – फुरकत भी ख़्वाबो की ताबीर बना दी
वो कौन था जिसने मिरी बिगड़ी तकदीर बना दी
मैं लिखने बैठा था पन्नो पे एहसास ऐ – ज़िन्दगी
और मेरे इस कम्भख्त दिल ने तेरी तस्वीर बना दी

 

~ Shayar Karan

 

 

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ज़िंदगी के हर मोड़ में तू ही हमसफ़र

तु उड़ती है सपनो में, जब मैं नींद मैं खोता हूँ
मेरे दिल की धड़कन भी, मैं तुझमे ही सुनता हूँ
बिजली की आहट जैसी है तू, मैं पानी जैसे बरसता हूँ
ज़िंदगी के हर मोड़ में, अब मैं तुझको हमसफ़र चाहता हूँ

~ Abhishek panigrahi

 

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तेरा मुझसे दूर जाना मेरी जान निकाल देता है

यूं तेरा आना मेरी धड़कने बढ़ा देता है ।
यूं तेरा मुस्कुराना मेरी सांसे अटका देता है ।।
तेरा शर्मीली निगाहों से देखना मुझे तिलमिला देता है
यूं तेरा मुझसे दूर जाना मेरी जान निकाल देता है ।।

 

~ Ashutosh dangi

 

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