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कुदरत का कहर पूरी दुनिया पर

बन कर कुदरत का कहर पूरी दुनिया पर है बरसा
वक्त कुछ यूं बदला कि इंसान सांसों तक को है तरसा
अब भी वक्त है संभल जाओ यारों
कही बाद में ना कहना पड़े अब तो बीत चुका हैं अरसा।

 

~ Abhishek Mishra

 

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दर्द ही मुझे ज़िंदा रखता हैं

मेरी कहानी में कई किरदार हैं
पर वो एक ही तो मुझे खुश रखता हैं
मेरी कहानी में कई दर्द हैं
पर ये दर्द ही तो मुझे ज़िंदा रखता हैं

 

~ विशाल

 


 

Meri kahani me kayi kirdar hai
Par wo ek hi to muje khush rakhta hai
Meri kahani me kayi dard hai
Par ye dard hi to muje zinda rakhta h

 

~ Vishal

 

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नज़रें चुरा रहा हूँ मैं

तेरे चेहरे की चमक बेहिसाब,
दिन-रात इसे ही निहार रहा हूँ मैं…

तुझे खबर लगे देखने की तुझको,
इससे पहले ही नज़रें चुरा रहा हूँ मैं…

तेरे सामने दिल बदमाश बन जाता हैं बेवक्त,
इसे इंतज़ार की तस्सली देकर ही सुधार रहा हूँ मैं…

ये कैसी ख़ता तुझसे इश्क़ करने की,
इस ख़ता को खुद ही सबसे बता रहा हूँ मैं…

जिन्हें शक हैं हमारे रिश्ते को लेकर,
उन कमबख्तों का हर सवाल मिटा रहा हूँ मैं…

आसमां में देखा था मैंने कभी तुझे,
आज अपने संग जमीं पर उतार रहा हूँ मैं…

तेरे चेहरे की चमक बेहिसाब,
दिन-रात इसे ही निहार रहा हूँ मैं…

तुझे खबर लगे देखने की तुझको,
इससे पहले ही नज़रें चुरा रहा हूँ मैं…

 

~ Monu yadav

 

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अब इश्क़ मिटाया जाएँ

अब कुछ बातें छुपाई जाएँ तो ठीक होगा
ये दूरियां बढ़ायी जाएँ तो ठीक होगा

पास रहने के वादें सारे टूट चुके हैं
कशमें दूर रहने की खायी जाएँ तो ठीक होगा

यूँ कब तक बस मजबूर होते रहेंगे
एक दूसरे के हाथों चूर होते रहेंगे

लोगो की बातें अब ज्यादा समाज आने लगी हैं
ये पलके नमी दिखाने लगी हैं

अपने हक़ में कुछ ना कहा जाएँ तो ठीक होगा
अब इश्क़ मिटाया जाएँ तो ठीक होगा

 

~ गुरुदेव सिंह

 

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यूँ तेरा मेरा साथ हो

यूँ तेरा मेरा साथ हो
बनारस का गंगा घाट हो
शाम के हसीन नज़ारे हो
चाँद भी साथ हमारे हो
प्रकृति की हवा सुहानी हो
पक्षियों की मधुर वाणी हो
तेरी मेरी अनकही कहानी हो
हाथों में निर्मल गंगा पानी हो
कुछ वादें तेरी जुबानी हो
कुछ कसमे मेरी जुबानी हो
घाटों पर रात का सन्नाटा हो
गंगा के लहरो की गूंज हो
वहाँ हम एक ज्योतिपुन्ज हो
ऐसी ही प्रेममयी हमारी कहानी हो
गंगा स्वयं साक्ष्य जिसकी निशानी हो

 

~ Pratiksha rai

 

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ए-दिल फिर उसे तलाश ना कर

ए-दिल यूँ खुद को खुद की नजरो में रूसवा ना कर
यूँ बेवफा के आने का इंतज़ार ना कर
हम तड़पते हैं तेरी हरकतों से……
ए-दिल फिर उसे मोबाइल पर तलाश ना कर

 

~ unknown

 

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यहां हर एक का बदला हुआ रंग देखा

इश्क, दोस्ती, मतलब देखा…
इस जमाने मे हमने बहुत कुछ देखा…

लोग देखे लोगों का ढंग देखा…
यहां हर एक का बदला हुआ रंग देखा…

कही घाव, कही मरहम, कही दर्द देखा…
यहां अपनों के हाथ मे खंजर देखा…

कभी रात, कभी दिन देखा…
कही पत्थर का दिल, तो कही दिल पर पत्थर देखा…

कभी हकीकत, कभी बदलाव देखा…
यहां हर चेहरे पर दोहरा नकाब देखा…

चाहत, जिस्म, फिर धोखा देखा…
यहां मोहब्बत के नाम पर सिर्फ मौका देखा…

जीते-जी बस यही देखना बाकी था, अंश…
एक उसे भी, किसी और का होते देखा…

~ अंश

 

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अश्क बहाने छोड़ दिए मैंने | Very Deep Lines

अब अश्क बहाने छोड़ दिए मैंने,
मसला ये नहीं के अब गम नहीं है।
बात तो ये है करने शिकवे छोड़ दिए मैंने…

दिल दुखता था जिन रिश्तों से,
सब नाते रिश्ते तोड़ दिए मैंने…

राज़ी होना सिख लिया है उस खुदा की मर्जी में,
ना हासिल रिश्ते तलाशने छोड़ दिए मैंने..

सुकून ढूंढ लेती हू अब रातों की गहराइयों में
दिन की चकाचौंध में रिश्ते बुनने छोड़ दिए मैंने।।

 

~ Pari

 

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