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साफ कपड़े पहने दागदार लोग

हम शरीफ इतने हैं के खुली किताब बने बैठे है,
और वो चेहरे पे मुखौटा और झूठ का लिबास पहने हुए बैठे हैं,
और हमारी बेदागी को वो महफ़िल पर दाग कहते हैं।
महफ़िल में साफ कपड़े पहने दागदार लोग बैठे है,

 

~ Arun nogia

 

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माँ बाप के आशीर्वाद की चाह

पौधा अच्छे से उग नहीं सकता, बिना खाद
याद आता है मुझे आपके हाथो से खिलाए खाने का स्वाद,
निकल चुका हुआ जीवन के सफर पर होने आबाद
बस बची यही मेरी आखिरी मुराद
काश फिर से मिल पाता आपका आशीर्वाद।

 

~ Rahul verma (Rv)

 

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कामयाबी मिले भी तो कैसे मिले

हमारे देश के लोग बच्चे की काबिलियत को नहीं बस अपने फायदे को देख लेते हैं
एक बच्चा जो क्रिकेटर बनना चाहता हैं उसे IIT, Neet जैसी कोचिंग भेज देते हैं
कामयाबी मिले भी तो मिले कैसे, अरे कामयाबी मिले भी तो कैसे मिले
ये मछली को आसमान में और पंछी को तालाब में फेंक देते हैं……
हमारे देश के लोग बच्चे की काबिलियत को नहीं बस अपने फायदे को देख लेते हैं

 

~ Deepak Jat

 

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मुझे अजनबी से प्यार हो गया

मुझे अजनबी से प्यार हो गया
हाँ मुझे अजनबी से प्यार हो गया

 

जिसके बारे में कल तक अनजान था
आज वो मेरा सब कुछ हो गया
हाँ मुझे अजनबी से प्यार हो गया ।।

 

कुछ तो बात है तुझमें
जो मुझे तेरे तरफ़ खींचता चला गया
तेरी अच्छाईयां बुराईयां
सब मुझे भाता चला गया
हाँ मुझे अजनबी से प्यार हो गया ।।

 

वो कहती थी कभी मोहब्बत नहीं करेगी किसी से
मैंने उसे मोहब्बत करना फिर से सीखा दिया
रूठे हुए दिल को हसना सीखा दिया
हाँ मुझे अजनबी से प्यार हो गया ।।

 

~ Anuj Kumar

 

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जब वो आती हैं

जब भी मिलने आती है, वो सामां छोड़ जाती है,
मेरी गर्दन पे, अपने लब, बना के छोड़ जाती है।

न जाने कौन सा तूफां उमड़ता, उसके आने पे,
जाती है तो हरदम, मुझको बेजां छोड़ जाती है।

अकीदत है, कि मुझसे बारहा वो पूछती है पर,
अरमां ले के आती है औ’ अरमां छोड़ जाती है।

आती ख़ुद नही जब, याद अपनी छोड़ जाती है,
मुश्किल जिंदगी को, ऐसे आसां छोड़ जाती है।

दिया तो है यकीनन ज़िन्दगी का वास्ता मुझको,
अधूरा हर दफ़ा किस्सा, मेरी जां छोड़ जाती है।

 

~ Anupam Shah

 

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आखरी मुलाक़ात के बाद भी उसका याद आना

किसी को पा कर भी दूर रहना हमसे पूछो,
क्या होती हैं किस्मत में रुकावट हमसे पूछो,
यहाँ कहने को तो सब कुछ अपना हैं लेकिन,
आखरी मुलाक़ात के बाद भी उसका याद आना हमसे पूछो

 

~ रवि भल्ला

 

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मै डरा नहीं हूँ

शज़र से टूट कर गिरा हूँ
मै ख़फ़ा हूँ, निराश हूँ, मगर मरा नहीं हूँ
मै डर तो दिखाया बहुत था,
पत्थर का हूँ मै डरा नहीं हूँ
सितम ये सारे दिल हसके सहेगा
जमाना जमात है बेशर्मो की, यूँ ही कहेगा

 

~ Kapil Beragi

 

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विश्वास जब टूट जाता है

बिखरते हैं रिश्ते विश्वास जब टूट जाता है,
जोड़ना लाख चाहे मगर ये धागा टूट जाता है|
कभी जो आइना देखो तो खुद ही जान पाओगे,
जरा सी ठेस लगते ही शीशा टूट जाता है|

 

~ Ashok

 

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