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मेरे अपनों पर शायरी

चला जो मैं अपनों के खिलाफ, तो उनके एहसान बीच में आ गए
और की जो कुछ ख्वाइश मैंने, अपनों के अरमान बीच में आ गए
सच – झूठ को जो तोल के देखा, तो सोचा की सच का साथ दू,
पर मेरे अपनों के झूठ को बचाने, भगवान (संस्कार) बीच में आ गए

~ Atul sharma

 

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पूरी कायनात को हराने की औकात

जा तू मिट जा किसी और के एह्तराम मे
हम तेरे दिये हुये खत तेरे हाथ रखते हैं।
एक दिल की बाजी हार गये तो क्या हुआ
हम पूरी कायनात को हराने की औकात रखते हैं

 

~ Anadi sharma

 

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अपने ही आँसुओं की वजह

कुछ दर्द जो दिल में घर कर गए…
कुछ आसूँ जो आँखों से छलक गए…
अपने दिल का दर्द हम बताते भी किसको…?
जब अपने ही उन आँसुओं की वजह बन गए!!

~ आयुषी शर्मा

 

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ऐतबार -ए- मोहब्बत में इस कदर टूटे

ऐतबार – ए – मोहब्बत में इस कदर टूटे है, कि……..,
सुकून-ए-दिल की तलाश में ना जाने कहां-कहां भटके है

 

~ आयुषी शर्मा

 

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तेरी यादें, तेरी मौजूदगी हमेशा कायम रखूगी

“तेरी यादों के अलावा कुछ नहीं मेरे पास उन्हें हमेशा संभाल कर रखूगी……….,
दिल का वो कमरा खाली ना समझना उसमें तेरी मौजूदगी हमेशा कायम रखूगी”

 

~ आयुषी शर्मा

 

 

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वो पिता अपना सब कुछ कुर्बान कर देता है

कभी बुरा मत कहना उस इंसान को
अरे तुम्हे खबर तक नही होती
और वो पिता अपना सबकुछ
तुम्हारे लिए कुर्बान कर देता है…

तुम्हारी ख्वाहिशो को पुरा करने के लिए
वो दुनिया से लड़ जाता है…
कदर करो उस पिता की
अरे वो तुम्हारे सपनो को पुरा करने के लिए
अपनी निन्दा तक को भुल जाता है…!!!

~ Dimple kushwaha

 

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