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तुम मेरी सरगम बनो और मैं संगीत

तुम मेरी लय बनो और मैं तेरा गीत बनूं ,
तुम मेरी प्रीत बनो और मैं तेरा मीत बनूं ।
दुख की बरसात हो या खुशियों की बेला,
तुम मेरी सरगम बनो और मैं संगीत बनूं।

 

~ जितेंद्र मिश्र ‘भरत जी’

 

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Izhaar karne se darta hu

तुमसे प्यार करता हूँ, तुम्ही पे मैं मरता हूँ
तुम्हारे लिए तो मैं हमेशा ही संवरता हूँ ।
पर जब इज्हार करने की बारी आती हैं मेरी,
नजाने क्यूँ मैं तुमसे बहुत ही ज्यादा डरता हूँ

 

~ Pratik Regmi

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दिल मे आखिर क्या है तुम्हारे

Dil me kya hai tumhare Shayari for Her

 

मोहब्बत मे कुछ यू हाल है मेरा,
तु मिली नहीं बस खयाल है तेरा
मुस्कुरा कर क्यों गुजर जाती हो सामने से
दिल मे आखिर क्या है तुम्हारे, ये सवाल है मेरा

~ दीपक

 

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रूह का रूह से मिलन शायरी

जो तेरे गुलाबी लब मेरे लबों को छू जायें,
मेरी रूह का मिलन तेरी रूह से हो जाये,

ज़माने की साज़िशों से बेपरवाह हो जायें,
मेरे ख्वाब कुछ देर तेरी बाहों में सो जायें,

मिटा कर फ़ासले हम प्यार में खो जायें,
आ कुछ पल के लिये एक-दूजे के हो जायें।

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अब दिल को दर्द भी नहीं होता

निकल पड़ा हूँ उस रास्ते पे
जो कभी ख़त्म नहीं होता

रुक जाता उस वक़्त अगर तूने
….एक बार भी रोका होता

आते हैं आज भी वो सपने
जब कभी गलती से, मैं सोता

बनाता हूँ ख़यालो में चेहरा तेरा
की दिल से अक्स तेरा नहीं होता

चाहता हूँ की रोकर गम भुला दू
पर कम्बक्त दिल ही नहीं होता

बहुत खायी हैं इस दिल ने चोटें
की अब दिल को दर्द भी नहीं होता

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मेहबूब की याद में रोती हुयी आँखों पर शायरी

रात भर रोती रही वो आँखें,
जाने किसकी याद में जागती रही वो आँखें।

अश्को की अब क्या कीमत लगायी जाये
की हर आंसू के गिरते,
किसी को पुकारती रही वो आँखें।

पलकों पे तस्वीर लिए मेहबूब का,
तरसती रही वो आँखें।

कहना चाहा बहुत कुछ,
पर खामोश रही वो आँखें।

उन आँखों को चाहिए था दीदार अपने मेहबूब का
जो रूठ के चला गया हैं कही दूर,
उसके लौट आने की राह तख्ती रही वो आँखें..।।

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