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मेहबूब की याद में रोती हुयी आँखों पर शायरी

रात भर रोती रही वो आँखें,
जाने किसकी याद में जागती रही वो आँखें।

अश्को की अब क्या कीमत लगायी जाये
की हर आंसू के गिरते,
किसी को पुकारती रही वो आँखें।

पलकों पे तस्वीर लिए मेहबूब का,
तरसती रही वो आँखें।

कहना चाहा बहुत कुछ,
पर खामोश रही वो आँखें।

उन आँखों को चाहिए था दीदार अपने मेहबूब का
जो रूठ के चला गया हैं कही दूर,
उसके लौट आने की राह तख्ती रही वो आँखें..।।

Dard Bhari Sad Alone Boy Poetry

जो मिला मुसाफ़िर वो रास्ते बदल डाले
दो क़दम पे थी मंज़िल फ़ासले बदल डाले

आसमाँ को छूने की कूवतें जो रखता था
आज है वो बिखरा सा हौंसले बदल डाले

शान से मैं चलता था कोई शाह कि तरह
आ गया हूँ दर दर पे क़ाफ़िले बदल डाले

फूल बनके वो हमको दे गया चुभन इतनी
काँटों से है दोस्ती अब आसरे बदल डाले

इश्क़ ही ख़ुदा है सुन के थी आरज़ू आई
ख़ूब तुम ख़ुदा निकले वाक़िये बदल डाले

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कैसे जीऊ मैं खुशहाल ज़िन्दगी | एक और अधूरी मोहब्बत

कैसे जीऊ मैं खुशहाल ज़िन्दगी
उसकी मोहब्बत ने हमको मारा हैं

रखा था जो दिल संभाल कर
उस दिल को हमने हारा हैं

बनता हैं महफ़िलो की शान वो
पर बनता ना मेरा सहारा हैं

दूर भी हम कैसे रह सकते हैं
इंसां वो सबसे लगता प्यारा हैं

जाए कहा अब उसे छोड़ कर
बिन उसके ना अब गुजारा हैं

इंतजार में कटते हैं दिन और रात
दूजा ना अब कोई और चारा हैं

 

~ पूनम

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रिश्ते स्वार्थी, दोस्ती बदनाम, प्यार दिखावा, सबके मायने बदल गए

पहले दोस्त, दोस्त की मदद करता था दोस्ती के लिए
आज दोस्त, दोस्त की मदद करता है अक्सर अपने स्वार्थ के लिए

पहले दोस्त पैसा दोस्त को दे देता था हमेशा के लिए
और दोस्त कैसे भी करके लौटाता था, मन के सुकून के लिए

आज कल दोस्ती तो लगता है, जैसे नाम के लिए रह गयी हैं
कितना सब बदल गए हैं और कितनी सोच भी बदल गयी हैं

और कहते हैं अपने दोस्त को जो उधार दे वो मूर्ख कहलाये
और जो उधार वापस करे, वो उससे भी बड़ा मुर्ख कहलाये

दोस्ती का नाम बदनाम हुए जा रहा हैं
फिर भी किसी को कोई फर्क नहीं पड़ रहा हैं

माहौल दिन-ब-दिन ख़राब होता जा रहा हैं
इंसान का इंसान से विश्वास उठता जा रहा हैं

बदलता माहौल देख बहुत दुःख हो रहा हैं
देखो दोस्तों इंसान कहा से कहा जा रहा हैं |
Poetry By ~ BANSI DHAMEJA

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Nakaam si kosish Sad Love kavita in Hindi

Jis baat se wo meri ruth gaye
Uss baat ko bhulane ki nakaam si koshish kar raha hu.

Umeedo ki tuti imarat per ab,
Naya aashiya banane ki ek ajib si koshish kar rha hu.

Wafaa k badle mili sirf bewafai,
Ab ussi ko lautaane ki befizul si koshish kar raha hu.

Dil se behisaab chaha tha jise,
Ussi se gamon ka sauda karne ki koshish kar rha hu.

Ghavo se bhari lambi raaton ko,
Ugte suraj ki garmi me badalne ki koshish kar rha hu.

Bikhar gayee jo the sapne mere,
Un sapno ko phir se sajoone ki koshish kar raha hu.

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Dil Par Tera Saya Hindi kavita on Zindagi

Ye kaisa saya mere dil par hai chaya
Jise dekha bi nhi or mehsus hua bhi nhi

Ajeb sa naata jo tujhse jodna hai chaha
Rishta tuta bhi nhi or tu mila bhi nhi

Bedakhal bhi tujhe karu to karu kaise
Tera kabja bhi nhi or koi vaada bhi nhi

Zindagi tera bhi vishwas kaise karu
Tune kuch liya bhi nhi to diya bhi nhi

Guzar rahi hai zindagi meri kuch is trah
Manzil mili bhi nhi to rasta bacha bhi nhi

Most Heart Touching Yaadein Poem | Long Shayri

Yaadon ko bhulane mein,
Kuch der toh lagti hain..
Aankhon ko sulane mein,
Kuch der toh lagti hain..

Kisi shakhs ko bhula dena,
Itna aasaan nahi hota..
Dil ko samjhane mein,
Kuch der toh lagti hain..

Bhari mehfil mein jab koi,
Achanak yaad aa jaaye,
Fir aansoo chupane mein,
Kuch der toh lagti hain..

Jo shakhs jaan se pyara ho,
Achanak door ho jaaye,
Dil ko yaqeen dilane main,
Kuch der toh lagti hain…..!!

 

(I Missing you a lot)

Short Hindi Kavita about Badalti Duniya, Badalte Log

मौसम से हरियाली गायब
जीवन से खुशहाली गायब

ईयरफ़ोन हुआ है गहना
अब कानों से बाली गायब

ईद खुशी की आये कैसे
होली गुम दीवाली गायब

उतरा है आँखों का पानी
औ चेहरे की लाली गायब

अफ़वाहों के बम जिन्दा हैं
बातें भोली -भाली गायब

मीठापन भी ज़हर हुआ है
वो मिश्री सी गाली गायब

डॉ० विनय मिश्र

Long Sad Shayari in Hindi on Silent Love

“मिला वो भी नही करते,
मिला हम भी नही करते.”

“दगा वो भी नही करते,
दगा हम भी नही करते.”

“उन्हे रुसवाई का दुख,
हमे तन्हाई का डर”

“गिला वो भी नही करते,
शिकवा हम भी नही करते.”

“किसी मोड़ पर मुलाकात हो जाती है अक्सर”
“रुका वो भी नही करते,
ठहरा हम भी नही करते.”

“जब भी देखते हैं उन्हे,
सोचते है कुछ कहें उनसे.”

“सुना वो भी नही करते,
कहा हम भी नही करते.”

“लेकिन ये भी सच है,
की मोहब्बत उन्हे भी हे हमसे”

“इकरार वो भी नही करते,
इज़हार हम भी नही करते.”

Awesome Dard Bhari Hindi Poetry

Mere pehlu mein bhi ek shama jala karti h
Jiski lou se teri tasveer bana karti hain,

Samne tere zuban band hi rehti hai magar,
Dil ki jo baat hai wo aankh bayan karti hai,

Chup kyu ho humse koi baat karo ae-dilwar,
Aise khamoshi se to takleef badaa karti hai,

Shamma jalti h to zamane ko pata chalta h,
Dil k jalne ki khabar aakhir kisko hua karti h

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