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कामयाबी के फ़िक्र में ज़िन्दगी

Kamyabi ke Fikar me Zindagi Status

 

अब पहले जैसी ना रही ज़िंदगी बस सोचते सोचते गुज़र रही है,
मौज तो बचपन में थी यारों अब तो कामयाबी के फ़िकरों में निकल रही है।

 

~ Nitish Dutt

 

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मसरुक दुनिया पर शायरी

सच कहूँ तो मुझे एहसान बुरा लगता है,
जुल्म सहता हुआ इंसान बुरा लगता है,
कितनी मसरुक हो गयी है ये दुनिया,
एक दिन ठहरे तो मेहमान बुरा लगता है।

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