0

मत भूलना वो हज़ारों लोगों की क़ुर्बानी दोस्तों

आँखों में सपने लिए हमारे देश के जवानों ने,
खायी थी कसम कभी के भारत को आज़ाद करना हैं

लड़े थे देश के खातिर और शहीद होकर अमर हुए
उनकी याद में आज़ादी मनाकर आज का दिन सजाना हैं

मत भूलना वो हज़ारों लोगों की क़ुर्बानी दोस्तों,
उनकी ही वजह से आज भारत में आज़ादी का खजाना हैं,

महात्मा गाँधी, चाचा नेहरू, भगत सिंह जैसे,
महापुरषों का देखो, लगा यहां ताना बना हैं

कर कोशिश आज तू देश की उन्नति में साथ देने की,
जीना भी यही और एक दिन यही मर जाना हैं,

हैं धरती हमारी माता इसका करो सम्मान सदा
इसी मिटटी से बने हैं हम, इसी मिटटी में फिर मिल जाना हैं

 

आज़ादी का ये पर्व आप सभी को मुबारक…वन्दे मातरम्

 

~ मोहम्मद तौहीद

Share This

Motivating Being Human Poem for Indians

ना मुसलमान खतरे में है,
ना हिन्दू खतरे में है
धर्म और मज़हब से बँटता
इंसान खतरे में है।।

ना राम खतरे में है,
ना रहमान खतरे में है
सियासत की भेट चढ़ता
भाईचारा खतरे में है।।

ना कुरआन खतरे में है,
ना गीता खतरे में है
नफरत की दलीलों से
इन किताबो का ज्ञान खतरे में है।।

ना मस्जिद खतरे में है,
ना मंदिर खतरे में है
सत्ता के लालची हाथो,
इन दीवारो की बुनियाद खतरे में है।।

ना ईद खतरे में है,
ना दिवाली खतरे में है
गैर मुल्कों की नज़र लगी है,
हमारा सदभाव खतरे में है।।

धर्म और मज़हब का चश्मा
उतार कर देखो दोस्तों
अब तो हमारा
हिन्दुस्तान खतरे में है |

एक बनो, नेक बनो
ना हिन्दू बनो ना मुसलमान बनो,
अरे पहले ढंग से इंसान तो बनो।।

Share This

Beautiful 15 August Independence Day Poems in Hindi

Beautiful 15 August Independence Day Poems in Hindi

 

ये पेड़ ये पत्ते ये शाखें भी परेशान हो जाएं !
अगर परिंदे भी हिन्दू और मुस्लमान हो जाएं
.
.
न मस्जिद को जानते हैं , न शिवालों को जानते हैं
जो भूखे पेट होते हैं, वो सिर्फ निवालों को जानते हैं.
मेरा यही अंदाज ज़माने को खलता है.
की मेरा चिराग हवा के खिलाफ क्यों जलता है……
में अमन पसंद हूँ, मेरे शहर में दंगा रहने दो…
लाल और हरे में मत बांटो, मेरी छत पर तिरंगा रहने दो

Happy Independence Day

 

Share This

Desh Bhakti Poems on Republic Day 2020

Na thi kisi ki himmat koi aankh na dikhata tha
Ab kaha chali gyi hain humari androoni shakti

Gila sikhwa dur kar prem ka ban chalana hoga
Yahi pegaam hume pahuchana hoga basto basti

Hume humare desh ko wahi esthan dilana hoga
Humare mein hi hain humare desh ki shakti….

Hum mein hi hain humare rashtra ki shakti…..
Humari desh bhakti hi hain humari shakti…….

 

Share This