0

कोरोना महामारी का बुरा दौर थम जाएगा

छतों पर पतंगों का, दौर फिर आएगा।
हर आदमी हंसेगा, और मुस्कुराएगा ।
आबाद होंगे गली, मोहल्ले चौराहे सब।
जब कोरोना महामारी का, बुरा दौर थम जाएगा।

 

~ जितेंद्र मिश्र ‘भरत जी’

 

Share This
0

गलियों में भटकने की जरुरत क्या है?

Lockdown Shayari for who is going outside

 

“बे वजह घर से निकलने की जरुरत क्या है”
मौत से आँखे मिलाने की जरुरत क्या है

 

सब को मालूम है बाहर की हवा है कातिल
यूँही कातिल से उलझने की जरुरत क्या है

 

ज़िन्दगी एक नेमत है उसे संभाल के रखो
कब्रगाहों को सजाने की जरुरत क्या है

 

दिल बहलाने के लिए घर में वजह है काफी
यूँही गलियों में भटकने की जरुरत क्या है”

 

#Lockdown
#Covid-19
#CoronaVirus
#IndiaFightsCorona

 

Share This
0

Corona Virus Effects on Poor People Shayari by Ayushman

Ayushman Lockdown Corona Shayari

Ayushman Lockdown Corona Shayari

 

अब अमीर का हर दिन रविवार हो गया,
और गरीब है अपने सोमवार के इंतजार में,
अब अमीर का हर दिन से परिवार हो गया है,
और गरीब है अपने रोजगार के इंतजार में

– आयुष्मान खुराना

 

#covid-19

Share This
Page 1 of 2
1 2