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निःस्वार्थ प्रेम और सच्चे रिश्तों का सिलसिला

जब तक लोगों के दिलों में निःस्वार्थ प्रेम पलता रहेगा।
तब तक सच्चे रिश्तों का सिलसिला चलता रहेगा।

 

~ जितेंद्र मिश्र ‘भरत जी’

 

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