0

कुदरत का कहर पूरी दुनिया पर

बन कर कुदरत का कहर पूरी दुनिया पर है बरसा
वक्त कुछ यूं बदला कि इंसान सांसों तक को है तरसा
अब भी वक्त है संभल जाओ यारों
कही बाद में ना कहना पड़े अब तो बीत चुका हैं अरसा।

 

~ Abhishek Mishra

 

Share This
0

अब इश्क़ मिटाया जाएँ

अब कुछ बातें छुपाई जाएँ तो ठीक होगा
ये दूरियां बढ़ायी जाएँ तो ठीक होगा

पास रहने के वादें सारे टूट चुके हैं
कशमें दूर रहने की खायी जाएँ तो ठीक होगा

यूँ कब तक बस मजबूर होते रहेंगे
एक दूसरे के हाथों चूर होते रहेंगे

लोगो की बातें अब ज्यादा समाज आने लगी हैं
ये पलके नमी दिखाने लगी हैं

अपने हक़ में कुछ ना कहा जाएँ तो ठीक होगा
अब इश्क़ मिटाया जाएँ तो ठीक होगा

 

~ गुरुदेव सिंह

 

Share This
1

यहां हर एक का बदला हुआ रंग देखा

इश्क, दोस्ती, मतलब देखा…
इस जमाने मे हमने बहुत कुछ देखा…

लोग देखे लोगों का ढंग देखा…
यहां हर एक का बदला हुआ रंग देखा…

कही घाव, कही मरहम, कही दर्द देखा…
यहां अपनों के हाथ मे खंजर देखा…

कभी रात, कभी दिन देखा…
कही पत्थर का दिल, तो कही दिल पर पत्थर देखा…

कभी हकीकत, कभी बदलाव देखा…
यहां हर चेहरे पर दोहरा नकाब देखा…

चाहत, जिस्म, फिर धोखा देखा…
यहां मोहब्बत के नाम पर सिर्फ मौका देखा…

जीते-जी बस यही देखना बाकी था, अंश…
एक उसे भी, किसी और का होते देखा…

~ अंश

 

Share This
0

अश्क बहाने छोड़ दिए मैंने | Very Deep Lines

अब अश्क बहाने छोड़ दिए मैंने,
मसला ये नहीं के अब गम नहीं है।
बात तो ये है करने शिकवे छोड़ दिए मैंने…

दिल दुखता था जिन रिश्तों से,
सब नाते रिश्ते तोड़ दिए मैंने…

राज़ी होना सिख लिया है उस खुदा की मर्जी में,
ना हासिल रिश्ते तलाशने छोड़ दिए मैंने..

सुकून ढूंढ लेती हू अब रातों की गहराइयों में
दिन की चकाचौंध में रिश्ते बुनने छोड़ दिए मैंने।।

 

~ Pari

 

Share This
0

ख़ुद ही रूठ कर ख़ुद ही मान जाना इतना आसान नहीं

गुस्से पर काबू पाना इतना आसान नहीं होता
अपनो को भूल जाना इतना आसान नही होता
दिल हमारा भी नहीं लगता बगैर अपनो के पर
ख़ुद ही रूठ कर ख़ुद ही मान जाना इतना आसान नहीं होता

 

~ Sneha kumari singh

 

 

Share This
0

Mohabbat aur Gurur

हे मोहब्बत तुझे किस बात पे गुरुर है,
तेरा साथ जो ना मिले तो तू किसे मंजूर है,
लोग तुझे बदनाम करते है,
और तू सोचती है की, ये मेरा कसूर है !!

 

~ राहुल मेहता

 

Share This
0

आखरी खत शायरी

इश्क़ लफ़्ज़ों से आंखो में उतर आया है
जब हमें उसका आखरी खत आया है
खत में आंसू के निशान थे जहां-जहां
वहां-वहां शब्द-ए-वफा आया है
ये हाल है अब तो कि दस्तक
कोई भी दरवाज़े पे दे तो लगता है तु आया है

 

~ unknown

 

Share This
0

आसुओं की बुँदे टपक रही हैं

जिन आखों से आज आसुओं की बुँदे टपक रही हैं,
कभी उन में से दरिया -ए- नूर बरसा करता था,
ये जो चारों और बंजर सा जमीन देख रहे हो ना
कभी यहां पर भी मुस्कुराहट का सैलाब हुआ करता था

 

~ Biswajit Rath

 

Share This
0

Heart Touching True But Sad Corona Shayari

Heart Touching Corona Shayari

 

गुजर रही हैं ज़िन्दगी ऐसे मुकाम से,
अपने भी दूर हो जाते हैं जरा सी झुकाम से
तमाम कायनात में एक कातिल बीमारी की हवा हो गयी
वक़्त ने कैसा सितम ढाया की “दूरिया ही दवा” हो गयी

~ unknown

Share This
0

मशगुल था वो अपने यारों में

मशगुल था वो अपने यारों में,
हम रात भर करवट बदलते रहे
सोया होगा वो थक हार के,
कह कर ये खुदको बहलाते रहे

 

बेरुखी तो देखिए अगली सुबह
हाल_ए_दिल भी ना जाना उसने
और पागलपन था मेरा, जो रात भर
उसे समझकर तकिए को सहलाते रहे

 

~ Poonam Vaishnav

 

Share This
Page 2 of 20
1 2 3 4 5 6 7 20