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Mohabbat aur Gurur

हे मोहब्बत तुझे किस बात पे गुरुर है,
तेरा साथ जो ना मिले तो तू किसे मंजूर है,
लोग तुझे बदनाम करते है,
और तू सोचती है की, ये मेरा कसूर है !!

 

~ राहुल मेहता

 

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आखरी खत शायरी

इश्क़ लफ़्ज़ों से आंखो में उतर आया है
जब हमें उसका आखरी खत आया है
खत में आंसू के निशान थे जहां-जहां
वहां-वहां शब्द-ए-वफा आया है
ये हाल है अब तो कि दस्तक
कोई भी दरवाज़े पे दे तो लगता है तु आया है

 

~ unknown

 

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आसुओं की बुँदे टपक रही हैं

जिन आखों से आज आसुओं की बुँदे टपक रही हैं,
कभी उन में से दरिया -ए- नूर बरसा करता था,
ये जो चारों और बंजर सा जमीन देख रहे हो ना
कभी यहां पर भी मुस्कुराहट का सैलाब हुआ करता था

 

~ Biswajit Rath

 

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Heart Touching True But Sad Corona Shayari

Heart Touching Corona Shayari

 

गुजर रही हैं ज़िन्दगी ऐसे मुकाम से,
अपने भी दूर हो जाते हैं जरा सी झुकाम से
तमाम कायनात में एक कातिल बीमारी की हवा हो गयी
वक़्त ने कैसा सितम ढाया की “दूरिया ही दवा” हो गयी

~ unknown

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मशगुल था वो अपने यारों में

मशगुल था वो अपने यारों में,
हम रात भर करवट बदलते रहे
सोया होगा वो थक हार के,
कह कर ये खुदको बहलाते रहे

 

बेरुखी तो देखिए अगली सुबह
हाल_ए_दिल भी ना जाना उसने
और पागलपन था मेरा, जो रात भर
उसे समझकर तकिए को सहलाते रहे

 

~ Poonam Vaishnav

 

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इश्क़ करने से पुरे शहर में बदनाम हो गया

आज कितने अरसे बाद तुझे देखा तो परेशान हो गया
कितनी बदल गयी हो देख के हैरान हो गया
एक पल सोचा की… क्या ये वही लड़की हैं ……..
जिसको इश्क़ करने से मैं पुरे शहर में बदनाम हो गया

 

~ कशिश बत्रा

 

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दिल ही बदल गया है उनका, नए चेहरे ढूंढ लिए गए

जिन्हे हम ख़्वाब मे देखा करते थे, वो ख़्वाब ही बदल गए,
हाथ थामे जिनका वे, बड़े शोक से चलते थे..वे हाथ भी बदल गए,
सारे कसमें, जो वो, खाया करते थे, उनके मायने ही बदल गए,
शायद दिल ही बदल गया है उनका, इसीलिए नए चेहरे ढूंढ लिए गए ।

 

~ सुजीत कुमार

 

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दर्द भरे अलफ़ाज़ | परदा गिरे तो सच से रूबरू होंगे हम

उसे जाते हुए देखता हूँ और आवाज़ नहीं करता,
अब मैं किसी को बार-बार नाराज़ नहीं करता।

परदा गिरे तो सच से रूबरू होंगे हम,
यूँ तो उन चहरों पर परदा भी नाज़ नहीं करता।

तुझे निकालना है तो बेझिझक निकाल दे अपनी महफिल से,
वक्त खराब हो तो कोई अपना भी ऐतराज़ नहीं करता।

क़्तल-ए-आफ़्ताब सर-ए-बाज़ार होना कौन सी बड़ी बात है अब,
कमबख्त अँधेरों से अच्छा तो कोई साज़-बाज़ नहीं करता।

तेरी फ़रेब-ए-सादगी से तेरे किरदार का पता चलता है,
पीठ में खंजर उतारने की गुस्ताखी कोई जाँबाज़ नहीं करता।

~ Shubham Singh

 

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बीच दरिया मे डूबे तो मर जायेंगे

उनकी नज़रो में हम अगर जो गिर जायेंगे,
कुछ नही दोस्तो हम बिखर जायेंगे।
टूटी कस्ती से दरिया ना पार हुए,
बीच दरिया मे डूबे तो मर जायेंगे।

 

– अमित वर्मा

 

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