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तुम मेरी सरगम बनो और मैं संगीत

तुम मेरी लय बनो और मैं तेरा गीत बनूं ,
तुम मेरी प्रीत बनो और मैं तेरा मीत बनूं ।
दुख की बरसात हो या खुशियों की बेला,
तुम मेरी सरगम बनो और मैं संगीत बनूं।

 

~ जितेंद्र मिश्र ‘भरत जी’

 

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Pyar Ke Effects Shayari

जब रंग मोहब्बत का चढ़ता है,
तो ख्वाहिशे शौकीन हो जाती है।
वादियां हँसीन और फिज़ाये संगीन हो जाती है,
दिल में चेहरा सिर्फ दिलबर का होता है ,
और सारी दुनिया रंगीन हो जाती है।
इश्क़ में मेहबूबा के दीवाने इस कदर मगरूर हो जाते है,
दुनिया के लिए अज़िब और आशिकी में अज़िज़ बनकर,
सारी दुनिया में मशहूर हो जाते है।

 

-आयुष्मान पांडेय

 

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आज उनसे फिर मुलाकात हुई

आज उनसे फिर मुलाकात हुई,
बीती हुई बातें कुछ ख़ास हुई।
ख़ुशी दिल में थी और चेहरे पर गम था,
अचानक इसी मिलन में बरसात हुई।

 

~ जितेंद्र मिश्र ‘भरत जी’

 

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Izhaar karne se darta hu

तुमसे प्यार करता हूँ, तुम्ही पे मैं मरता हूँ
तुम्हारे लिए तो मैं हमेशा ही संवरता हूँ ।
पर जब इज्हार करने की बारी आती हैं मेरी,
नजाने क्यूँ मैं तुमसे बहुत ही ज्यादा डरता हूँ

 

~ Pratik Regmi

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Aakhiri pal tak sath jiyenge

Aakhiri pal tak sath jeene wali love shayari

 

एक तू है, एक मैं हूँ,
तू मानता है जान मुझे,
मैं मानती हूँ ज़िन्दगी तुझे,
तेरी हर बात में मैं हूँ,
मेरी हर याद में तू हैं,
तेरी हर नब्ज़ में मैं हूँ,
बस तू ही तू है, बस तू ही तू हैं..!

 

तुजसे दूर हूँ मैं,
मुझसे दूर है तू,
आखिरी पल तक साथ जियेंगे
भले दूर सही दिल से जुड़े रहेंगे
है वादा मेरा निभाऊंगी साथ तेरा
क्युकी मेरे सांस में तू हैं,
बस तू ही तू हैं, बस तू ही तू है..!!

~ सेजल गोहद

 

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दिल मे आखिर क्या है तुम्हारे

Dil me kya hai tumhare Shayari for Her

 

मोहब्बत मे कुछ यू हाल है मेरा,
तु मिली नहीं बस खयाल है तेरा
मुस्कुरा कर क्यों गुजर जाती हो सामने से
दिल मे आखिर क्या है तुम्हारे, ये सवाल है मेरा

~ दीपक

 

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1990 wala pyar | 90’s Love Shayari Poem

1990 Love 90's Shayari Poems

 

अपना इश्क़ 1990 वाला चाहता हूँ,

 

टेक्स्ट, कॉल से दूर,
ख़तों पर रहना चाहता हूँ,

 

ये बाबू शोना छोड़के,
उसे प्रेमिका कहना चाहता हूँ,

 

जब मिले हम अचानक से,
तो उसकी खुशी देखना चाहता हूँ ,

 

जब आये सुखाने कपड़े छत पर,
तो चोरी चोरी मिलना चाहता हूँ,

 

जो पापा और भाई के आने से डरती हो,
ऐसी मेहबूबा चाहता हूँ,

 

हॉं, मैं आज भी मोहब्बत
पुराने जमाने वाली चाहता हूँ ।

 

~ नितिन राजपूत

 

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Sacche Pyar ki chahat me Shayari

Sacche Pyar ki chahat me shayari

 

मेरी तन्हाई को अब एक मेहमान चाहिए
मुझको फरेबी नहीं, एक इंसान चाहिए

अँधेरे है ज़िन्दगी में दूर तलक बहुत
मुझको उजालों का कारवां चाहिए…..!!

 

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