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जीने के लिए हम क्यों उनकी यादों का सहारा

बेरुखी, बे-बसी, खुदगर्ज़ी हम ये जुर्म हमेशा सहते हैं
बेवफा हैं वो इस बात को हम सर-ए-आम क्यूँ नहीं कहते हैं
ज़िंदा रहना इस दुनिया में हर दिल की एक मज़बूरी हैं
तो जीने के लिए हम क्यों उनकी यादों का सहारा लेते है

 

~ Sunil Dehgawani

 

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पीला दे मोहब्बत का जाम

होके बेगाना ये मासूम दिल मेरा फिरता हैं……. ज़माने में,
कभी तो मिले दावत हमे उनके यादों के…… आशियाने में

होके मदहोश हम भी चले जायेंगे उनकी दावत पे मगर…..,
पीला दे मोहब्बत का जाम अगर हमें अपने आँखों के पैमाने में

~ Mohammad Touhid

 

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Maa ke pyar ki thapki

प्यार की थपकी देकर सुलाया है,
जब रोऊ छुप-छुप कर तूने गले लगाया है,
किसी की बुरी नजर का डर नहीं मुझे,
क्योंकि जब भी देखा तो सर पर तेरा हाथ पाया है।।

 

~ Pramod Kumar

 

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सरहदों पर हिफाजत के लिए

एक सच्ची शहादत के लिए।
बुजुर्गों की विरासत के लिए।
घर छोड़ा, गांव छोड़ा, छोड़ा जहां,
सरहदों पर हिफाजत के लिए ।

 

~ अब्दुल रहमान अंसारी (रहमान काका)

 

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साफ कपड़े पहने दागदार लोग

हम शरीफ इतने हैं के खुली किताब बने बैठे है,
और वो चेहरे पे मुखौटा और झूठ का लिबास पहने हुए बैठे हैं,
और हमारी बेदागी को वो महफ़िल पर दाग कहते हैं।
महफ़िल में साफ कपड़े पहने दागदार लोग बैठे है,

 

~ Arun nogia

 

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माँ बाप के आशीर्वाद की चाह

पौधा अच्छे से उग नहीं सकता, बिना खाद
याद आता है मुझे आपके हाथो से खिलाए खाने का स्वाद,
निकल चुका हुआ जीवन के सफर पर होने आबाद
बस बची यही मेरी आखिरी मुराद
काश फिर से मिल पाता आपका आशीर्वाद।

 

~ Rahul verma (Rv)

 

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