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Sad Poem on Garibi | गरीबी सबसे बड़ी सजा

खुशियों को हर कोई बाँट लेता हैं
पर किसी के गम को बांटना आसान नहीं होता

किसी जरुरतमंद की मदद करना इंसानियत हैं
ये किसी पर कोई एहसान नहीं होता

परिंदे भी लौट आते हैं आखिर में अपने बसेरे की ओर
पर कई इंसान ऐसे भी हैं जिनका कोई मकान नहीं होता

एक बच्चा सड़क के किनारे बैठ कुछ सोच रहा था
क्या गरीब बच्चो के दिल में कोई अरमान नहीं होता ?

ये बात सच हैं के हर एक का अपना अपना नसीब हैं
पर क्या कमजोर लोगो को देख मन कभी शर्मिंदा नहीं होता

आज के दौर में गरीबी से बड़ी कोई सजा नहीं
काश ऐसा हो के गरीबी का ही कोई नाम-o-निशान नहीं होता

~ Khwaish

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True But Sad Diwali Poems on India

आओ दिवाली मनाये हम
खुशियों का मौका हैं खुशिया मनाये हम

कभी धर्म, कभी जाति, कभी भाषा के नाम पर लड़े हम
फिर भी कहते हो दिवाली हैं, आओ हाथ मिलाये हम

आओ दिवाली मनाये हम

जला के औरो के घरो को इस दिवाली में
किस मुँह से अपने.. घरो को सजाये हम

आओ दिवाली मनाये हम

इस दिवाली सोया किसान का घर एक साथ खा के ज़हर
हमे इससे क्या, आओ बच्चो को अपने मिठाई खिलाये हम

आओ दिवाली मनाये हम

कोई मराठी, कोई पंजाबी, कोई तमिल, तो कोई बंगाली
आओ निकले इस दिवाली एक हिंदुस्तानी ढूंढ लाये हम

आओ दिवाली मनाये हम

मारा गया कल मुंबई में एक माँ का लाल नाम जिसका राहुल था
छोड़ो यारो उस अजनबी की मौत पे क्यों मातम मनाये हम

आओ दिवाली मनाये हम

सो रहा हैं देश मेरा, घायल आज ओढ़े हुए कफ़न
आओ यारो दीपक नहीं, उसकी चिता जलाये हम

आओ दिवाली मनाये हम
खुशियों का मौका हैं खुशिया मनाये हम

 

~ Sajid

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ईश्वर का दिया वरदान है माँ

जीवन की शुरुआत हैं माँ,
हर लम्हे में साथ हैं माँ,
खुशियों की बरसात हैं माँ,
डूबती नैया की पतवार हैं माँ,
प्यार करे तो दुर्गा हैं माँ,
गुस्सा करे तो काली हैं माँ,
हर रूप है निराला उसका,
चाहे वो हो दुर्गा माँ,
चाहे वो हो काली माँ,
मानो तो भगवन हैं माँ,
ईश्वर का दिया वरदान है माँ

~ लीना गोला

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अगर बस में मेरे होता

आसमान से तारे तोड़ लाता, अगर बस में मेरे होता
तेरे कदमो में जन्नत बिछाता, अगर बस में मेरे होता

तुझे दुनिया की सेर करा, एक नया ही जहां दिखलाता
तेरी राहों में फूल बिछाता, अगर बस में मेरे होता

तेरे ख्वाब की हक़ीक़त बन, सपने सारे सच कर जाता
तेरे दर्द को खुद पर झेल जाता, अगर बस में मेरे होता

मैं खुद को तेरा आईना और एक तस्वीर निराली बनाता
तेरे आंसू को अपनी आँखों से गिराता, अगर बस में मेरे होता

तेरे लिए एक ताजमहल बनवाता, प्यार मेरा सबको दिखलाता
खुदा बन तेरी हर एक दुआ पूरी करता, अगर बस में मेरे होता

कितनी मोहब्बत हैं तुमसे मुझे ये तुम्हे समझाने के लिए
अपना दिल तेरे दिल में धड़काता, अगर मेरे बस में होता

 

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सुन्दर पंक्तिया – ज़िन्दगी की सिख कविता

घबराने से मसले हल नहीं होते
जो आज है, वो कल नहीं होते।

ध्यान रखो इस बात का ज़रूर
कीचड़ में सब कमल नहीं होते।

नफ़ा पहुँचाते हैं जो जिस्म को
मीठे अक्सर वो फल नहीं होते।

जुगाड़ करना पड़ता है हमेशा
रस्ते तो कभी सरल नहीं होते।

दर्द की सर्द हवा से बनते हैं जो
वो ठोस कभी तरल नहीं होते।

नफ़रत की खाद से जो पेड़ पनपते हैं
मीठे उनके कभी फल नहीं होते।

जो आपको आपसे ज्यादा समझे
ऐसे लोग दरअसल नहीं होते।।

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Most Hot Sexy Romantic Seductive Poetry

होंठो पे अपने होंठ रख दूँ
आ तुझे मैं प्यार कर लू।

साँसों में साँसें घुल जाने दे
बाँहों में बाहें मिल जाने दे।

दो जिस्म हम, जान एक है
इरादे मेरे आज नहीं नेक है।

आग लग रही है, तन-बदन में
जल रहा हूँ मैं प्रेम अगन में।

लबों पे अपने लब रख दूँ
आ तुझे मैं प्यार कर लू।

एक दूजे में खो जाने दे
मुझको तेरा हो जाने दे।

आग लग रही है, तन और मन में
सुलग रहा हूँ मैं, बरसते सावन में।।

चलो ना पूरी तरह बहक जाते है
ताक़त आज अपनी आज़्माते है।

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रिश्ते स्वार्थी, दोस्ती बदनाम, प्यार दिखावा, सबके मायने बदल गए

पहले दोस्त, दोस्त की मदद करता था दोस्ती के लिए
आज दोस्त, दोस्त की मदद करता है अक्सर अपने स्वार्थ के लिए

पहले दोस्त पैसा दोस्त को दे देता था हमेशा के लिए
और दोस्त कैसे भी करके लौटाता था, मन के सुकून के लिए

आज कल दोस्ती तो लगता है, जैसे नाम के लिए रह गयी हैं
कितना सब बदल गए हैं और कितनी सोच भी बदल गयी हैं

और कहते हैं अपने दोस्त को जो उधार दे वो मूर्ख कहलाये
और जो उधार वापस करे, वो उससे भी बड़ा मुर्ख कहलाये

दोस्ती का नाम बदनाम हुए जा रहा हैं
फिर भी किसी को कोई फर्क नहीं पड़ रहा हैं

माहौल दिन-ब-दिन ख़राब होता जा रहा हैं
इंसान का इंसान से विश्वास उठता जा रहा हैं

बदलता माहौल देख बहुत दुःख हो रहा हैं
देखो दोस्तों इंसान कहा से कहा जा रहा हैं |
Poetry By ~ BANSI DHAMEJA

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