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Bahar se sakht aur ander se komal logo par shayari

हमेशा जो खुद को सजाये रखते हैं
अंदर और ही हुलिया बनाये रखते हैं

पत्थर आँखें ही दिखाई देती हैं, और
दिल में एक दरया सा रुकाये रखते हैं

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