0

मोहब्बत में बेईमानी शायरी

मोहब्बत में बेईमानी

 

थी मोहब्बत हमे उनसे इतनी,
ना जाने क्या कमी पड़ गयी,
वो चली गयी ये बोलकर हमसे,
तेरी मोहब्बत में बेईमानी भर गयी

~ शाकिब खान

Share This

Leave a Reply

Your email address will not be published.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.