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अश्क बहाने छोड़ दिए मैंने | Very Deep Lines

अब अश्क बहाने छोड़ दिए मैंने,
मसला ये नहीं के अब गम नहीं है।
बात तो ये है करने शिकवे छोड़ दिए मैंने…

दिल दुखता था जिन रिश्तों से,
सब नाते रिश्ते तोड़ दिए मैंने…

राज़ी होना सिख लिया है उस खुदा की मर्जी में,
ना हासिल रिश्ते तलाशने छोड़ दिए मैंने..

सुकून ढूंढ लेती हू अब रातों की गहराइयों में
दिन की चकाचौंध में रिश्ते बुनने छोड़ दिए मैंने।।

 

~ Pari

 

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पाना भी नही चाहता और खोने से भी डरता है

वफ़ा भी नही करता वो बेवफ़ा होने से भी डरता हैं
मुझे पाना भी नही चाहता और मुझे खोने से भी डरता है

 

~ Pari

 

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ख़ुद ही रूठ कर ख़ुद ही मान जाना इतना आसान नहीं

गुस्से पर काबू पाना इतना आसान नहीं होता
अपनो को भूल जाना इतना आसान नही होता
दिल हमारा भी नहीं लगता बगैर अपनो के पर
ख़ुद ही रूठ कर ख़ुद ही मान जाना इतना आसान नहीं होता

 

~ Sneha kumari singh

 

 

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Samajh nahi aata tu dard hai ya malham

Khwaabo ki ek lehar uthi, Duba jisme tann aur mann .
Tham sa gaya Wakt aur, Ruk se gaye kadam .

Na jane kis asamanjas mein, Ulajh chuka hai ​yeh bawla dil .
Samajh nahi aata tu dard hai ya malham .

Kaash na aate tum zindagi mein, Khushi ki bahaar lekar.
Kaash na jaate tum dil par yeh, Gehra ghaav dekar.

Kaash na milte kabhi ho, Jaate kahi ghum
Na jane kyun ujaad diya tumne, Ye sundar aur aabad chaman.

Jis se mila karti thi ronakbhari, Rahat tumhe kisi pal.
Har shaam hai roothi hui, Har din hai adhura .

Na jane kis asamanjas mein, Ulajh chuka hai yeh bawla dil.
Samajh nahi aata tu dard hai ya malham.

 

~ Kanchi Mistry

 

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जीतने के लिए मेहनत करनी पड़ती है

जीतने के लिए मेहनत करनी पड़ती है
सिर्फ बातो से बात कभी बनती नही

कुछ पाने के लिए रातों को जागना पड़ता है
यूं दिन में सोने से दाल कभी गलती नही

सोच विचार से अगर सब मिल जाता तो
दिल में कुछ पाने की आग कभी जलती नही

 

~ Pari

 

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मेरी ख्वाइश कुछ ऐसी हो

मैं खुद ही खुद को बयां करती हूं, अजीब सी लड़की हूं जाने क्या-क्या ही चाहती हूं,
छोटी – छोटी आंखों में सपने हजार देख के मुसाफिर बनना चाहती हूं,

है रस्ते अनजान फिर भी बेफ्रिक होकर मंजिल ढूंढना चाहती हूं
खोने का डर नहीं बस सपने पूरा करना चाहतीं हूं

दे साथ गर कोई जिंदगीभर शुक्रगुजार होना चाहती हूं
यूंह तो ख्वाइशें हर दिन बदलती रहती हैं

पर मेरी ख्वाइश कुछ ऐसी हो की बस उसी में खोकर रहना चाहती हूं…
मैं खुद को बस खुद ही से बयान करना चाहती हूं।

~ Dr.Ruchika Mehta

 

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सूरज की रौशनी फीकी पड़ जाए ऐसी चांदनी रात होनी चाहिए

सूरज की रौशनी फीकी पड़ जाए
ऐसी भी कोई चांदनी रात होनी चाहिए

आँखों में गुम हो जाऊ तुम्हारी,
ऐसी भी कोई बात होनी चाहिए

पीठ पीछे तो सब बोलते है मेरी जान
जो सामने बोलके दिखाए वो औकात होनी चाहिए

झुकता नहीं सर यूँही किसी डर के आगे
हर सर झुक जाये उस डर में वो बात होनी चाहिए

 

~ Pari

 

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तू दर्द हैं या मलहम

ख़्वाबों की एक लहर उठी, डूबा जिसमे तन और मन
थम सा गया वक़्त और रुक से गए हम

ना जाने जिस असमंजस में, उलझ चूका हैं ये बावला दिल
पता नहीं चलता, तू दर्द हैं या मलहम

काश ना आते तुम, ज़िन्दगी में ख़ुशी की बहार लेकर
काश ना जाते तुम, दिल पर ये गहरा घाव देकर

काश ना मिलते कभी, हो जाते कही गुम
हर शाम हैं रूठी, हर दिन हैं अधूरा

ना जाने जिस असमंजस में, उलझ चूका हैं ये बावला दिल
पता नहीं चलता, तू दर्द हैं या मलहम

 

~ Sanobar

 

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इन खुशियों को मेरी ही नजर ना लग जाये

तेरी एक मुस्कराहट से ये पूरी दुनिया सज जाए,
तू जब बोले तो मेरे कानो में शहनाई बज जाए |
जब से तू आयी है मेरी जिन्दगी में,
कसम से आईना भी देखने से डरता हू कि
कहीं इन खुशियों को मेरी ही नजर ना लग जाये

 

~ Tanishq Agrawal

 

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