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Sacche Pyar ki chahat me Shayari

Sacche Pyar ki chahat me shayari

 

मेरी तन्हाई को अब एक मेहमान चाहिए
मुझको फरेबी नहीं, एक इंसान चाहिए

अँधेरे है ज़िन्दगी में दूर तलक बहुत
मुझको उजालों का कारवां चाहिए…..!!

 

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Dard mila tujhe bhulkar

Dard Mila Tujhe Bhulkar

 

तेरी बातों का असर जो छाया है मेरे दिल पर
यक़ीनन मुझे तड़पाएगा अब ये रात भर
सोचा भूल जाऊंगा तुझे अब करूँगा ना याद
मगर दर्द ही मिला मुझे, तुझे भूल कर

 

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गलियों में भटकने की जरुरत क्या है?

Lockdown Shayari for who is going outside

 

“बे वजह घर से निकलने की जरुरत क्या है”
मौत से आँखे मिलाने की जरुरत क्या है

 

सब को मालूम है बाहर की हवा है कातिल
यूँही कातिल से उलझने की जरुरत क्या है

 

ज़िन्दगी एक नेमत है उसे संभाल के रखो
कब्रगाहों को सजाने की जरुरत क्या है

 

दिल बहलाने के लिए घर में वजह है काफी
यूँही गलियों में भटकने की जरुरत क्या है”

 

#Lockdown
#Covid-19
#CoronaVirus
#IndiaFightsCorona

 

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रण: धेर्य का कोरोना महामारी पर कविता

आज सम्पूर्ण विश्व कोरोना जैसी महामारी से जूझ रहा है। और ये महामारी लगातार अपने अपने पैर पसारती जा रही है। जिसके के कारण हर देश जूझ रहा है और इससे निपटने का निजात खोज रहा है। वहीं अगर भारत की बात करें तो यहाँ भी ये महामारी रुकने का नाम नहीं ले रही है जिसके चलते सम्पूर्ण भारत को लॉकडाउन कर दिया गया है। और प्रत्येक नागरिक इसका पालन करते हुए अपने घर में रुक कर वर्तमान स्थिति को रोकने की कोशिश कर रहे हैं। इन्ही परिस्थितियों की उपज का एक उदाहरण है ये कविता जिसे अतुल कुमार ने बखूब ही परिस्थितियों में ढाला है आप भी पढ़ें।

 

रण: धेर्य का | कोरोना महामारी पर कविता

 

बंद दिहाड़ी घर बैठे हैं,
कूचे, गलियाँ सब सुन्न हो गए।

उदर रीते और आँख भरीं हैं
कुछ घर इतने मजबूर हो गए।

कहें आपदा या रण समय का,
जिसमे स्वयं के चेहरे दूर हो गए।

“घर” भरे हैं “रणभूमि” खाली
मेल-मिलाप सब बन्द हो गए।

घर का बेटी-बेटा दूर रुका है
कई घर मे बिछड़े पास आ गए।

हर घर में कई स्वाद बने हैं
कई रिश्ते मीठे में तब्दील हो गए।

बात हालातों की तुम समझो
तुम्हारे लिए कुछ अपनों से दूर हो गए।

जो है अपना वो पास खड़ा है।
मन्दिर-मस्जिद आदि सब दूर हो गए।

धैर्य रखो, बस ये है रण धैर्य का
सशस्त्र बल आदि कमजोर पड़ गए।

है बलवान धैर्य स्वयं में
अधैर्य के बल पे सब हार गए।

 

अतुल कुमार

 

 


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