0

चंचल मन मेरा

मन के अंदर झांक रहा है मन मेरा।
मन की भाषा बोल रहा है मन मेरा।
मन भावों का एक समुंदर होता है।
मन चंचल है घूम रहा है मन मेरा..।

 

~ जितेंद्र मिश्र ‘भरत जी’

 

Share This
0

हारकर भी ज़िन्दगी को जीतने का जज़्बा

हारकर खामोश हो गया ज़िन्दगी से, थककर चूर हो गया ज़िन्दगी से,
कोशिश फिर भी जारी है, अभी लड़ाई ख़त्म नहीं ज़िन्दगी से।

 

~ उमेश मुकाती

 

Share This
0

राह में मिला वो साथी

Nasha Pyar Ka Destiny Lover

 

राह में मिला वो साथी हमसे भुलाया नहीं जा रहा
एक झिलमिलाता रोशन चिराग बुझाया नहीं जा रहा
उनकी आँखों की मस्ती का असर हुआ कुछ इस कदर
बिन पिए ये नशा हमसे उतारा नहीं जा रहा

 

~ Nidhi Shrivastava

 

Share This
Page 4 of 167
1 2 3 4 5 6 7 8 9 167