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जब वो आती हैं

जब भी मिलने आती है, वो सामां छोड़ जाती है,
मेरी गर्दन पे, अपने लब, बना के छोड़ जाती है।

न जाने कौन सा तूफां उमड़ता, उसके आने पे,
जाती है तो हरदम, मुझको बेजां छोड़ जाती है।

अकीदत है, कि मुझसे बारहा वो पूछती है पर,
अरमां ले के आती है औ’ अरमां छोड़ जाती है।

आती ख़ुद नही जब, याद अपनी छोड़ जाती है,
मुश्किल जिंदगी को, ऐसे आसां छोड़ जाती है।

दिया तो है यकीनन ज़िन्दगी का वास्ता मुझको,
अधूरा हर दफ़ा किस्सा, मेरी जां छोड़ जाती है।

 

~ Anupam Shah

 

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आखरी मुलाक़ात के बाद भी उसका याद आना

किसी को पा कर भी दूर रहना हमसे पूछो,
क्या होती हैं किस्मत में रुकावट हमसे पूछो,
यहाँ कहने को तो सब कुछ अपना हैं लेकिन,
आखरी मुलाक़ात के बाद भी उसका याद आना हमसे पूछो

 

~ रवि भल्ला

 

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मंदिर का मेरे भगवान कहाँ हैं

शायर सी मेरी पहचान कहाँ हैं
किराये का मेरा मकान कहाँ हैं

जान दे दे यहाँ किसी के लिए
अब इतनी किसी में जान कहाँ हैं

दिल से बेघर हुए लापता भी हुए
कौन जाने मेरे अरमान कहाँ हैं

सिर्फ सुनते रहे जो बेगम की हम
आज ढूढ़ा किये खानदान कहाँ हैं

पुजारी ने थाने में लिखाये रिपोर्ट
मंदिर का मेरे भगवान कहाँ हैं

 

~ साजिद घायल

 

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मै डरा नहीं हूँ

शज़र से टूट कर गिरा हूँ
मै ख़फ़ा हूँ, निराश हूँ, मगर मरा नहीं हूँ
मै डर तो दिखाया बहुत था,
पत्थर का हूँ मै डरा नहीं हूँ
सितम ये सारे दिल हसके सहेगा
जमाना जमात है बेशर्मो की, यूँ ही कहेगा

 

~ Kapil Beragi

 

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विश्वास जब टूट जाता है

बिखरते हैं रिश्ते विश्वास जब टूट जाता है,
जोड़ना लाख चाहे मगर ये धागा टूट जाता है|
कभी जो आइना देखो तो खुद ही जान पाओगे,
जरा सी ठेस लगते ही शीशा टूट जाता है|

 

~ Ashok

 

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