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प्रेमी जब आ जाए, जम कर बरसों तुम बादल

हलकी हलकी जल की बूंदे, जब लेकर आते है बादल
मन मसोस कर रह जाती हूूँ, बह जाता है मेरा काजल

कैसे है ये बैरी बादल, पूछ रहा है ये मेरा आँचल..
आसमान भी कह रहा है, ये निर्मोही है काले बादल

कड़कड़ाहट आवाज़ से, प्रेमियों को कर देता है पागल
काली घटा जब छट जायेगी, जब समझेगे ये बादल

हमारी इल्तिज़ा है तुमसे, जरा रूक कर बरसों बादल
प्रेमी जब मेरा आ जाए, फिर जम कर बरसों  बादल

 

~ Feeling Love

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4 Comments

  1. मैंने रब से कहा वो छोड़ के चली गई,पता नहीं उसकी क्या मजबूरी थी,रब ने कहा इसमें उसका कोई कसूर नहीं,यह कहानी तो मैंने लिखी ही अधूरी थी।

    Rudra R..

  2. कितना बेबस है इंसान किस्मत के आगे,कितना दूर है ख्वाब हकीकत के आगे,कोई रुकी हुई सी धड़कन से पूछे,कितना तड़पता है यह दिल मोहब्बत के आगे।

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