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बादलो में इंद्र धनुष की तरह

बाहर से सूरज की गर्मी की तरह
अंदर से बारिश की बूंदो की तरह
क्या बोलू उसके बारे में..वो तो हैं
घने बादलो में इंद्र धनुष की तरह

~ सिद्धार्थ

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5 Comments

  1. जल को बर्फ़ में बदलने में वक्त लगता है,
    सूरज को निकलने में वक्त लगता है,
    किस्मत को तो हम बदल नही सकते,
    लेकिन अपने हौसलो से किस्मत बदलने में वक्त लगता है।

  2. ख़ामोशी में चाहे जितना बेगाना-पन हो..
    लेकिन इक आहट जानी-पहचानी होती है.!! janukisms.com

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