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Very very very sad dard shayari on pyar & zindagi

जाने क्यूँ आजकल, तुम्हारी कमी अखरती है बहुत
यादों के बन्द कमरे में, ज़िन्दगी सिसकती है बहुत

पनपने नहीं देता कभी, बेदर्द सी उस ख़्वाहिश को
महसूस तुम्हें जो करने की, कोशिश करती है बहुत

दावे करती हैं ज़िन्दगी, जो हर दिन तुझे भुलाने के
किसी न किसी बहाने से, याद तुझे करती है बहुत

आहट से भी चौंक जाए, मुस्कराने से ही कतराए
मालूम नहीं क्यों ज़िन्दगी, जीने से डरती है बहुत।

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13 Comments

  1. जब याद आती है…

    जब याद आती है आपकी तो मुस्कुरा लेते हैं, 
    कुछ पल के लिए गम भुला लेते हैं, 
    कैसे भीग सकती हैं आपकी पलकें, 
    जब आपके हिस्से के आँसू हम बहा लेते हैं।

  2. मंजिल मिले ना मिले
    ये तो मुकदर की बात है !!
    हम कोशिश भी ना करे
    ये तो गलत बात है….!!

  3. Hi, I like shayari so much so am learning Hindi just to understand Shayari.

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