0

दर्द-ए-दिल और ये आँखें वीरान

कसम से सब्र की इन्तहा हो चली हैं
दर्द-ए-दिल कहना हैं अब मुश्किल
और येह आँखें वीरान हो चली हैं

Share This

Leave a Reply

Your email address will not be published.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.