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Sacchi baat ruthe huye insaan ki

रूठे हुए को मनाना तो दस्तूर-ए-दुनिया…..,
पर रूठे की मानना क्यों नहीं सीखती दुनिया

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  1. जीतेजी यह दुनिया जीने नहीं देती आस लगाये मरने नहीं देती
    आख़ीर इन्सान है करे तो क्या करें ख़ुदकुशी करने मजबूर कर देती
    ख़ुदकुशी भी कैसे करें मरने पर जो पैसा मिलता वह पेशगी होती
    पर कम्बंख्त सरकार का उसूल है की मरनेके पहिले उसकी नोटीस नहीं दिया जाती

  2. Manjil bhi uski thi rasta bhi uska tha sath-sath chalne ka vada bhi uska tha aaj mera dil ye swal karta hai ki tum kyo akele ho log to uske the kya khuda bhi uska tha ……Ajnabee sad :- ✔

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