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दर्द और मेरी ज़िन्दगी का रिश्ता

कैसे छिपाऊँ मैं मेरे दर्द को, दिल का इस पर पहरा हैं|
दर्द और मेरी ज़िन्दगी का रिश्ता, बहुत ही गहरा हैं |

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Dard nahi dawa hu main

है नादान वो कुछ समझते नहीं
दिन है या रात, का फर्क जानते नहीं
अगर जाऊ पास भी तो डर जाते है
दर्द नहीं दवा हु मैं ये समझते नहीं


Hain nadaan woh kuch samajte nahi
Din hain yaa raat, ka fark jante nahi
Agar jaau pas bhi toh darr jate hain
Dard nai dawa hu main ye samajte nahi

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Jhuthe daave pyar ke broken trust shayari

नहीं मालूम तुम्हें के चाहत क्या होती है
दर्द-ए-दिल के लिए राहत क्या होती है

टूटेगा जब दिल अपना, मालूम होगा तुम्हें भी
के दिल तोड़ने की हिमाकत क्या होती है

नहीं जानते वो भी, चाहत के जिन्होंने दावे किए
हद से ज्यादा किसी की चाहत क्या होती है

आशिक बनो हाँ कभी, तुम भी हमारी तरह कोई
पता चलेगा तब कहीं के मोहब्बत क्या होती है।

 

~ By trueshayari.in

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Apno se hi jab yakeen tutne lagta h

यकीन जब कभी खुद टूटने लगता है
साथ मेरा ही मुझसे फिर छूटने लगता है

हद से ज्यादा तकलीफ होती है तब
जब अंदर ही अंदर ज़ख्म फूटने लगता है

बहुत रोता है ये दिल चीख चीख कर
कोई अपना मेरा जब मुझे लूटने लगता है

कुछ इस तरह टूटने लगा हूँ मैं आजकल
जैसे शीशा कोई खुद ब खुद टूटने लगता है ।

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Shayari Ek Diwane Ki

ज्यादा देर यूँ एक जगह नहीं रूकता हूँ मैं
बंजारों का कभी कोई ठिकाना हुआ है क्या

दीवानों की बातें भला कोई समझे तो कैसे
दीवानों का कभी कोई दीवाना हुआ है क्या

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Sad Emotional Shayri on Love and Life

रगों में लहू बहता है मेरे पानी नहीं
ऐसा तो कोई नहीं जिसकी कोई कहानी नहीं

वो सबूत मांगता है उन्ही लम्हों का अक्सर
जिनकी यादें तो है मगर निशानी नहीं

ले लो मज़ा तुम भी इस मोहब्बत का
नई नई है अभी ज्यादा पुरानी नहीं

दबोच लो इस ज़िन्दगी को जैसे मछली हो कोई
गर फिसल गई ये तो फिर हाथ आनी नहीं ।

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Mashuka Ka Badalna Shayari by Sad Lover

Karu toh kaise karu khud ko kabil tere liye
Agar badlu aadate to teri sharte badal jati h

Dur karna ho khudse toh koyi tujhse sikhe,
Becheni mein teri puri puri raate dhal jati hain

Sab tut k bikhar jata h aashiqo ka es daur me
Yaha 2-3 hafto me to mashuka tak badal jati h

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Tanha Sad Shayari on Teri Yaad

Teri yaad mujhe kyu tanha kar jati h
Pal pal tutne k liye majboor kar jati h

Rota hun bahut m to gidgidata bhi hu
Apne jhakhmo pr merham lgata bhi hu

Fir bhi kyu ye ehsas bar- bar de jati h
Teri yaad mujhein kyu tanha kar jati h