3

Challenge shayari for shayar (शायर, कवि)

लिखने की हद….

हर पल जो दिल को छू जाये कोई ऐसा एहसास लिखो
ख़ामोशी भी ज़ुबान बन जाए कोई ऐसी बात लिखो

हर लम्हा एक पल ठहर जाये कोई ऐसा इत्तेफाक लिखो
लिखने की हर हद पार हो इस कदर दिन रात लिखो

जिस पर हो उस चाँद का साया, आसमान के उन तारो की बारात लिखो
जिसे पढ़कर आंसू भी ना थम पाए, किसी वक़्त के ऐसे हालात लिखो

पूरी ज़िन्दगी कुछ शब्दों में ही उतर जाए
उन शब्दों में कुछ ऐसा ख़ास लिखो

 

~ रंजना चौधरी

1

कुछ जख़्म कभी नहीं भरते

कुछ लम्हे कभी नहीं गुज़रते
कुछ रातें कभी नहीं कटती

कुछ एहसास कभी नहीं मरते
कुछ दरारें कभी नहीं भरती

कुछ वादे कभी नहीं मुकरते
कुछ उम्रे कभी नहीं घटती

कुछ जख़्म कभी नहीं भरते
कुछ यादें कभी नहीं मिटती

6

बादलों समय पर बरस जाना, जमीन जल चुकी है

किसानो की उम्मीद कविता

जमीन जल चुकी है आसमान बाकी है,
सूखे कुएँ तुम्हारा इम्तहान बाकी है..

वो जो खेतों की मेढ़ों पर उदास बैठे हैं,
उनकी आखों में अब तक ईमान बाकी है

बादलों बरस जाना समय पर इस बार
किसी का मकान गिरवी तो किसी का लगान बाकी है

Beautiful Hindi Thoughts on Life | Satya Vachan

“जीत” किसके लिए ‘हार’ किसके लिए
‘ज़िंदगी भर’ ये ‘तकरार’ किसके लिए,
जो भी ‘आया’ है वो ‘जायेगा’ एक दिन
फिर ये इतना “अहंकार” किसके लिए !

True Fact Shayari about Sita & Ravan

आदमी ही आदमी को छल रहा है,
ये क्रम आज से नही, बरसों से चल रहा है
रोज चौराहे पर होता है ” सीताहरण ”
जबकि मुद्दतों से ‘रावण’ जल रहा है…!!

4

मैं अंदर ही अंदर भभक रहा हूँ

जलते बुझते दिये सा लग रहा हूँ
मैं अंदर ही अंदर भभक रहा हूँ

किसी और की ज़रूरत ही क्या मुझे अब
मैं ठहरा खुदगर्ज खुद ही खुद को ठग रहा हूँ

ये कैसी आग है जो जलती नहीं
बुझकर भी अश्क़ों के साये में सुलग रहा हूँ

शख्स था जो मुझमें जाने कहाँ चला गया
असल में भी अब तो नकल सा लग रहा हूँ।

7

Aakhir ye (♥) Dil kya chahta h ?

दिल को अपने काबू में करना, इतना आसान नहीं यहां
जो जितनी कोशिश करता, वो होता उतना ही हैरान यहां

यह दिल पल भर में ही सारी दुनिया घूम लेता है…♥
अपनी ही धुन, अपनी ही मस्ती में झूम लेता है…♥

कभी अपने, तो कभी औरों के बारे में सोचता है
खुद इसको भी नहीं पता, ये दिल क्या चाहता है

कितना भी समझा लो, पर ये दिल कुछ नहीं समझता
ना जाना हो जिस रस्ते, ये जाकर सिर्फ वही भटकता है

Some Beautiful Lines on Mard Balatkar Nahi Karte Hain

मर्द और बलात्कार विषय पर ये पंक्तियाँ अवश्य पढ़ियेगा –

 

“मर्द कभी बलात्कार नहीं करते हैं,
माँ की कोख शर्मशार नहीं करते हैं..

मर्द होते तो लड़कियों पर नहीं टूटते,
मर्द होते तो आबरू उनकी नहीं लूटते..

मर्द हमेशा दिलों को जीतता है,
कुचलना नामर्दों की नीचता है…

बेटियां बहन मर्द के साये में पलती हैं,
मर्द की जान माँ की दुवाओं से चलती है..

मर्द नहीं फेकते तेज़ाब उनके शरीर पर,
मर्द प्रेम में मिट जाते हैं अपनी हीर पर..

मर्द उनको देह की मंडियों में नहीं बेचता,
मर्द दहेज़ के लिए उनकी खाल नहीं खेचता..

मर्द बच्चियों के नाजुक बदन से नहीं खेलते,
मर्द बेटियों को बूढों के संग नहीं धकेलते…

निर्भया-कांड के बाद क्या बलात्कार बंद हुए !!
कानून तो बदल गये पर क्या सोच भी बदल गयी !!

सोच बदलना आवश्यक हैं क्यो की सोच बदलेगी,
तो हम बदलेंगे और हम बदलेंगे तभी देश बदलेगा

6

Tanhai ka aalam Sad Poetry

तन्हाई के आलम में आजकल, नींद नहीं आती है
जहाँ से दूर भागता हूँ, यादें फिर वहीं ले जाती हैं

आने वाला कल हर घड़ी, पास अपने बुलाता है
सपनों के सुकून भरे, साये में मुझको सुलाता है

खुली रहती हैं पलकें हरपल, बस इसी इन्तजार में
नींद नहीं इन्हें आए कभी, ये डूब जाए तेरे प्यार में

ख़्वाब इस कदर आते हैं, रह रहकर मुझे जगाते है
पलकों पर रखकर नींद, फिर खुद को आज़माते है

तन्हाई के आलम में आजकल, रातें नहीं कटती है
जहाँ से दूर भागता हूँ, यादें उसी ओर ले चलती हैं।

2

Beautiful lines said by a Chahat-E-Musafir

शांति चाहता था मैं
पर शांति ढूंढ ना पाया।

एकता चाहता था मैं
पर एकता रख ना पाया।

सबमे समानता चाहता था मैं
पर जात पात को मिटा ना पाया।

रोज मंदिर भी जाता था मैं
पर सब में खुदा देख ना पाया।