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रौशनी के लिए दिल जलाये जाते हैं

बारिशों का क्या हैं, आजकल तो आँखों से बरसती हैं
तन्हाई में महफ़िल आखिर कहाँ सजा करती हैं
शंमायें भुझती हैं, और परवाने पिघलते हैं….
लोग तो रौशनी के लिए अपना दिल जलाये जाते हैं

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ज़ज़्बात से वाकिफ कलम प्यार शायरी

अलफ़ाज़ की शक्ल में एहसास लिखा जाता हैं
यहाँ पानी को भी प्यास लिखा जाता हैं
मेरे ज़ज़्बात से वाकिफ हैं मेरी कलम,
मैं प्यार लिखू तो तेरा नाम लिखा जाता हैं

~ N.M

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