नए साल पर दुःख भरी कविता | सैड न्यू ईयर शायरी

नया साल भी क्या नया लाएगा
नया साल भी युही सताएगा

ख़्वाब दिखायेगा, कदम बेहकहायेगा
ठोकरे देकर फिर संभालना सिखाएगा

याद दिलाएगा, फिर हमे रुलाएगा
दे के वास्ते फिर से चुप कराएगा

नया साल भी क्या नया लाएगा

दिल में आरज़ू जगायेगा, नीदें उड़ाएगा
दिलासे देकर हमे फिर से सुलाएगा

यादे महकाएगा, गीत लिखवाएगा
आंसू छलका के अकेला छोड़ जायेगा

नयी उमीदें लाएगा, हसरते जगायेगा
जीना सिखाएगा, और कुछ यादे दे जायेगा

नया साल भी क्या नया लाएगा
नया साल भी युही गुजर जायेगा

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