Short Hindi Kavita about Badalti Duniya, Badalte Log

मौसम से हरियाली गायब
जीवन से खुशहाली गायब

ईयरफ़ोन हुआ है गहना
अब कानों से बाली गायब

ईद खुशी की आये कैसे
होली गुम दीवाली गायब

उतरा है आँखों का पानी
औ चेहरे की लाली गायब

अफ़वाहों के बम जिन्दा हैं
बातें भोली -भाली गायब

मीठापन भी ज़हर हुआ है
वो मिश्री सी गाली गायब

डॉ० विनय मिश्र

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