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Tanhai ka aalam Sad Poetry

तन्हाई के आलम में आजकल, नींद नहीं आती है
जहाँ से दूर भागता हूँ, यादें फिर वहीं ले जाती हैं

आने वाला कल हर घड़ी, पास अपने बुलाता है
सपनों के सुकून भरे, साये में मुझको सुलाता है

खुली रहती हैं पलकें हरपल, बस इसी इन्तजार में
नींद नहीं इन्हें आए कभी, ये डूब जाए तेरे प्यार में

ख़्वाब इस कदर आते हैं, रह रहकर मुझे जगाते है
पलकों पर रखकर नींद, फिर खुद को आज़माते है

तन्हाई के आलम में आजकल, रातें नहीं कटती है
जहाँ से दूर भागता हूँ, यादें उसी ओर ले चलती हैं।

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इतनी भी समझदारी अच्छी नहीं

शरारत भी मियाँ अब तो सोच कर करते हो
ये कैसा बना लिया है आखिर तुमने खुद को

इतनी भी समझदारी अच्छी नहीं होती है
जीवन की राहें हमेशा कच्ची नहीं होती है

खुलकर जीना भी ज़रूरी है इस जहान में
कब तक क़ैद रहोगे तुम डर के मकान में

भरोसा जब टूटता है तो यकीनन दर्द होता है
पर हर दर्द में ही तो छुपा एक हमदर्द होता है

मोहब्बत भी मियाँ अब तो सोच कर करते हो
ये कैसा बना लिया है आखिर तुमने खुद को।

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मैं अंदर ही अंदर भभक रहा हूँ

जलते बुझते दिये सा लग रहा हूँ
मैं अंदर ही अंदर भभक रहा हूँ

किसी और की ज़रूरत ही क्या मुझे अब
मैं ठहरा खुदगर्ज खुद ही खुद को ठग रहा हूँ

ये कैसी आग है जो जलती नहीं
बुझकर भी अश्क़ों के साये में सुलग रहा हूँ

शख्स था जो मुझमें जाने कहाँ चला गया
असल में भी अब तो नकल सा लग रहा हूँ।

Happy Raksha Bandhan Shayari 2016 Quotes Sms in Hindi

Happy Raksha Bandhan Shayari 2016 Quotes Sms in Hindi

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1) Happy Raksha Bandhan Shayari For Sister

 

Ye Lamha Kuch Khaas Hain,
Behan Ke Hathon Mein Bhai Ka Haath H,
O Behna Tere Liye Mere Pass Kuch Khas H,
Tere Sukoon Ki Khatir Meri Behna,
Tera Bhai Humesha Tere Sath Hain…

Happy Rakhi Sister

 

2) Happy Rakhi Shayari For Brother

Kaamyabi tumhare kadam chume,
Khushiyan tumhare charo aur ho,
Par bhagwan se itni prarthana karne k liye
Tum mujhe kuch toh commission do..!
To my extremely lovable (but kanjus) brother…
Just kidding as always.

Happy Raksha Bandhan Bhaiya

 

3) Funny Shayari on Raksha Bandhan

“Usaka Husn gaya kaleja cheer,
Nayano Se barbas Chhuta ek teer
Woh Muskurayi, Nazdeeq aayi,
Boli, Rakhi Bandhwale mere veer.”

 Happy Rakhi 2016

 

4) Best Hilarous Shayari on Raksha Bandhan

 

Apne Dil ki baat dil mein mat rakhna,
Jo pasand ho usse I love you kehna,
Agar wo gusse mein aa jaaye to darna mat,
Rakhi nikalna or kehna pyari behna milti rehna

 

5) Rakshan Bandhan Wishes Sms in Hindi

चंदन का टीका रेशम का धागा;
सावन की सुगंध बारिश की फुहार;
भाई की उम्मीद बहना का प्यार;
मुबारक हो आपको “”रक्षा-बंधन”” का त्योहार।

रक्षा-बंधन की हार्दिक शुभकामनाएं!.

 

6) Happy Rakhi Funny Shayari

जब खुदा ने दुनिया को बनाया होगा
एक बात से जरूर घबराया होगा
कैसे रखूँगा ख्याल इतनी कुड़ियों का,
तब उस ने सब के लिए एक भाई बनाया होगा

 

7) Beautiful Bhai Behan Shayari in Hindi Language

 

रक्षाबंधन के दिन की कुछ अलग ही बात है
भाई बहिन के लिए यह पाकीज़ा जज़्बात है

भाई की कलाई पर राखी बांधती है बहना
स्नेह का यह रिश्ता, कितना प्यारा है ना

रक्षा का यह वचन हर हाल में निभाना है
पुकारे जब भी बहिन तो दौड़ चले आना है

सावन के महीने में राखी का त्यौहार आता है
परिवार के लिए जो कि ढ़ेरों खुशियाँ लाता है

रक्षाबंधन के पर्व की कुछ अलग ही बात है
भाई बहिन के लिए पावन प्रेम की सौगात है।

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Superb Ek Saccha Hindustani Vatan ki Shaan Shayari

मुकम्मल है इबादत और मैं वतन ईमान रखता हूँ,
वतन के शान की खातिर हथेली पे जान रखता हूँ !!
क्यु पढ़ते हो मेरी आँखों में नक्शा पाकिस्तान का ,
मुस्लमान हूँ मैं सच्चा, दिल में हिंदुस्तान रखता हूँ !!

हिंदुस्तान ज़िंदाबाद, जय हिन्द, जय भारत

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Jhuthe daave pyar ke broken trust shayari

नहीं मालूम तुम्हें के चाहत क्या होती है
दर्द-ए-दिल के लिए राहत क्या होती है

टूटेगा जब दिल अपना, मालूम होगा तुम्हें भी
के दिल तोड़ने की हिमाकत क्या होती है

नहीं जानते वो भी, चाहत के जिन्होंने दावे किए
हद से ज्यादा किसी की चाहत क्या होती है

आशिक बनो हाँ कभी, तुम भी हमारी तरह कोई
पता चलेगा तब कहीं के मोहब्बत क्या होती है।

 

~ By trueshayari.in

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Jo pahle jitna hasta fir utna hi rota h

सच हमेशा कड़वा होता है
चैन तो इस दिल का खोता है

मीठे सपनों की ज़मीन पर
पेड़ क्यों नीम का बोता है

पहले जो हँसता है जितना
वहीं बाद में उतना रोता है ।

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Very very very sad dard shayari on pyar & zindagi

जाने क्यूँ आजकल, तुम्हारी कमी अखरती है बहुत
यादों के बन्द कमरे में, ज़िन्दगी सिसकती है बहुत

पनपने नहीं देता कभी, बेदर्द सी उस ख़्वाहिश को
महसूस तुम्हें जो करने की, कोशिश करती है बहुत

दावे करती हैं ज़िन्दगी, जो हर दिन तुझे भुलाने के
किसी न किसी बहाने से, याद तुझे करती है बहुत

आहट से भी चौंक जाए, मुस्कराने से ही कतराए
मालूम नहीं क्यों ज़िन्दगी, जीने से डरती है बहुत ।